कभी Amitabh Bachchan ने इस कॉलेज से की थी पढ़ाई, आज कुर्सी को लेकर छिड़ी है जंग

शेरवुड कॉलेज में इन दिनों कॉलेज प्रिसिंपल के पद को लेकर घमासान जारी है. कॉलेज के छात्र और कर्मचारी वर्तमान प्रिंसिपल के साथ हैं. इसी कारण नए प्रिसिंपल को कॉलेज के अंदर तक नहीं घुसने दिया जा रहा है. जिसके बाद नए प्रिंसिपल ने हाई कोर्ट का रुख किया है. वहीं वर्तमान प्रिंसिपल ने भी कोर्ट जाने की बात कही है.

कभी Amitabh Bachchan ने इस कॉलेज से की थी पढ़ाई, आज कुर्सी को लेकर छिड़ी है जंग

आरोप है कि वर्तमान में खुद को कॉलेज का संचालक बताने वाले अमनदीप संधू (Amandeep Sandhu) को उनकी कार्यप्रणाली से नाखुश होकर आगरा डायसिस में प्रिंसिपल के पद से हटा दिया था. और उनकी जगह पीटर इमैनुएल को नया प्रिंसिपल बनाया गया. लेकिन जब शेरवुड स्कूल में उन्हें चार्ज नहीं मिला, तो उन्होंने हाई कोर्ट (Nainital High Court) की शरण ली. इस दौरान कोर्ट ने इमैनुएल को पुलिस सुरक्षा देने के लिए भी आदेश जारी किए.

 

5 घंटे तक कॉलेज के बाहर हुआ हंगामा
इसके बाद जब वे वापस शनिवार को कॉलेज में प्रिंसिपल का चार्ज लेने पहुंचे तो उन्हें वहां काफी विरोध का सामना करना पड़ा. जानकारी के मुताबिक, कर्मचारियों ने गेट पर ताला जड़ दिया और कहा कि उनकी लाश से गुजर ही अंतरिम प्रधानाचार्य अंदर जा सकेंगे. इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और मौके पर भारी भीड़ जुट गई. 5 घंटे बीत जाने के बाद भी जब वे अंदर नहीं जा सके तो उन्होंने इस मामले को लेकर एफआईआर भी दर्ज कराई. जिसके बाद देर शाम तल्लीताल थाने में प्रधानाचार्य मनदीप संधू, कॉलेज के चार कर्मचारियों समेत करीब 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया.

कॉलेज की साख दूषित करने के इरादे से हुआ हंगामा
वहीं इस मामले पर वर्तमान प्रिंसिपल अमनदीप संधू का कहना है कि शेरवुड डायसिस कॉलेज सोसायटी की ओर से शेरवुड कॉलेज संचालित होता है. पीपी हाबिल इस संस्था के विधिक चेयरमैन नहीं है. ऐसे में उनके आदेश के कोई मायने नहीं हैं. प्रतिष्ठित शेरवुड कॉलेज की साख दूषित करने के इरादे से साजिशन ऐसा कदम उठाया गया है. इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस मामले में हाई कोर्ट से सुरक्षा मांगी जाएगी.

अब हाई कोर्ट तक जाएगा मसला, कोर्ट ही करेगा न्याय
डिप्टी रजिस्ट्रार सोसायटी हल्द्वानी से प्राप्त आरटीआई का हवाला देते हुए संधू ने कहा कि हाबिल के जरिए शेरवुड के खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है. 9 दिसंबर को हाई कोर्ट के दिए ऑर्डर में कहीं भी शेरवुड कॉलेज और उनके यानी संधू के संबंध में कोई जिक्र नहीं है. ऐसे में इमैनुअल की सुरक्षा के नाम पर थानाध्यक्ष और पुलिस टीम को लाकर कॉलेज का माहौल बिगाड़ने की कोशिश है. विद्यालय की ओर से हाई कोर्ट से न्याय की गुहार की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी पुरावृत्ति न हो.

 

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