दिल्ली में कोरोना के कहर के बीच डरा रहा अस्पतालों का ये सच

 

कोरोना काल पहले देश के लिए जी का जंजाल बना और अब ये बदहाली, बदहवासी, मौत और कर्ज़ के जाल में लोगों को जकड़ने लगा है. जो जिंदा बच गया उसे कर्ज का बोझ मार रहा है और जो जिंदा बचने की कोशिश में अस्पताल पहुंच गया उसे सिस्टम एक गुमशुदा लाश में बदल रहा है.

नई दिल्ली: गरुड़ पुराण में कहा गया है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसका अंतिम संस्कार रात में नहीं किया जाना चाहिए. वैसे तो ये सिर्फ मान्यता की बात है. लेकिन कोरोना वायरस की वजह से देश की राजधानी दिल्ली की स्थिति ऐसी हो चुकी है कि अब यहां रात में भी चिता जल रही हैं और मोक्ष प्राप्ति के लिए भी अब एक लंबी वेटिंग लिस्ट है. दिल्ली में अंतिम संस्कार के लिए लोगों को कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है और इसका नतीजा ये है कि अब शमशान घाटों पर रात में भी चिताएं जल रही हैं.

कोरोना वायरस की वैक्सीन अब भी महीनों दूर…
हमने बहुत पहले ही इस बात का अंदेशा जताया था और आप से कई बार कहा था कि अगर आप लोगों ने सावधानी नहीं बरती तो भारत की हालत भी यूरोप के उन देशों की तरह हो सकती है. जहां कोरोना वायरस की वजह से अस्पतालों में शव रखने तक की जगह नहीं बची थी. ये स्थिति इसलिए आई है क्योंकि हमारे देश की सरकारें, सिस्टम और आम लोग अपने कर्तव्यों और कोरोना के खतरों के प्रति ईमानदार नहीं है. ईमानदारी न बरतने का नतीजा ये हुआ है कि देश में एक बार फिर से लॉकडाउन के लौट आने की आशंका जताई जा रही है. तमाम दावों के बावजूद कोरोना वायरस की वैक्सीन अब भी महीनों दूर है और इससे बचने का फिलहाल एक ही उपाय है और वो है ईमानदारी. लेकिन जब समाज में एक व्यक्ति भी ईमानदारी बरतना भूल जाता है तो इसका खामियाजा पूरे देश को उठाना पड़ता है.

 

इसे आप दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के उदाहरण से समझिए. दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में एक व्यक्ति एक रेस्टोरेंट में कोरोना से संक्रमित हुआ. जब उसकी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की गई तो उसने बताया कि उसने उस रेस्टोरेंट से सिर्फ पिज़्जा खरीदा था. लेकिन इस बीच इस रेस्टोरेंट में काम करने वाले कई कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव हो चुके थे. इसके बाद दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में हड़कंप मच गया क्योंकि प्रशासन को लगा कि जिस व्यक्ति ने सिर्फ कुछ मिनट रेस्टोरेंट में बिताने के बाद इतने लोगों को संक्रमित कर दिया उसके शरीर में जरूर कोरोना वायरस का ऐसा स्ट्रेन मौजूद है जो पहले से बहुत ज्यादा घातक है. इस नतीजे पर पहुंचने के बाद दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में बहुत सख्त लॉकडाउन लगा दिया गया. दुकानें और दफ्तर  बंद कर दिए गए और यहां तक कि लोगों के घर से बाहर निकलने पर भी पाबंदी लगा दी गई. लेकिन जब जांच हुई तो पता चला कि संक्रमित व्यक्ति झूठ बोल रहा था, इस व्यक्ति ने रेस्टोरेंट से पिज़्जा नहीं खरीदा था, बल्कि ये वहां काम करता था और इसने लगातार कई शिफ्ट्स में काम किया था.

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